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विक्रांत मैसी की नई रोमांटिक वेब सीरीज Musafir Cafe एक छोटे शहर की प्रेम कहानी को आधुनिक अंदाज में पेश करने की कोशिश करती है। मजबूत कलाकारों और खूबसूरत लोकेशंस के बावजूद धीमी रफ्तार और कमजोर भावनात्मक जुड़ाव इसे यादगार नहीं बनने देते।

Musafir Cafe एक रोमांटिक ड्रामा सीरीज है, जो लेखक दिव्य प्रकाश दुबे के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है। आठ एपिसोड की इस सीरीज का निर्देशन रुचिर अरुण ने किया है, जबकि इसे शारण्य राजगोपाल ने क्रिएट किया है।
कहानी भोपाल के युवक चंदर (विक्रांत मैसी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अमेरिका की नौकरी छोड़कर भारत लौटता है। उसका सपना पहाड़ों में अपना कैफे खोलने का है। इसी दौरान उसकी मुलाकात महत्वाकांक्षी और बेबाक स्वभाव की सुधा (वेदिका पिंटो) से होती है और दोनों के बीच प्यार पनपता है।
हालात बदलते हैं, रिश्तों में दूरियां आती हैं और फिर कहानी में प्रीति (महिमा मकवाना) की एंट्री होती है, जिससे प्रेम त्रिकोण की शुरुआत होती है।
सीरीज का विषय आकर्षक है और इसमें रोमांस, रिश्तों की उलझन और जीवन के फैसलों को दिखाने की कोशिश की गई है। हालांकि कहानी भावनात्मक स्तर पर उतना प्रभाव नहीं छोड़ती, जितनी उम्मीद की जाती है।
आठ एपिसोड में फैली कहानी कई जगह जरूरत से ज्यादा लंबी महसूस होती है। इसे कम समय में अधिक प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता था।
विक्रांत मैसी अपने किरदार में सहज और भरोसेमंद नजर आते हैं। वह चंदर के भावनात्मक संघर्ष को प्रभावी तरीके से पर्दे पर उतारते हैं।
महिमा मकवाना ने भी अपने सीमित किरदार में अच्छा अभिनय किया है। वहीं वेदिका पिंटो ऊर्जा से भरपूर दिखाई देती हैं, लेकिन उनके किरदार की प्रस्तुति कई जगह बनावटी महसूस होती है।
सीरीज में अनुभा फतेहपुरिया, लवलीन मिश्रा, आदिल हुसैन और सादिया सिद्दीकी जैसे अनुभवी कलाकार भी नजर आते हैं। हालांकि इनके किरदारों को ज्यादा विस्तार नहीं दिया गया, फिर भी वे अपने अभिनय से कहानी को मजबूती देते हैं।
सीरीज की कहानी भोपाल में आधारित है, लेकिन शहर की खूबसूरती और सांस्कृतिक पहचान को सीमित रूप में ही दिखाया गया है। इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में स्थित कैफे के दृश्य कहानी को दृश्यात्मक रूप से आकर्षक बनाते हैं।
Musafir Cafe एक ऐसी रोमांटिक सीरीज है, जिसमें अच्छी कहानी बनने की पूरी संभावना थी। बेहतरीन कलाकार, खूबसूरत लोकेशंस और दिलचस्प विचार होने के बावजूद कमजोर लेखन, धीमी गति और भावनात्मक गहराई की कमी इसे औसत बना देती है।
यदि आप हल्की-फुल्की रोमांटिक ड्रामा सीरीज पसंद करते हैं और विक्रांत मैसी के प्रशंसक हैं, तो इसे एक बार देखा जा सकता है।

रूस से कच्चे तेल के आयात में तेजी आने के बीच भारत ने मार्च से मई के दौरान करीब 15 अरब डॉलर के आयात का भुगतान रुपये में किया। आरबीआई के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि ऊर्जा आयात में रुपये के उपयोग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका ने ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए हैं, वहीं सऊदी अरब के साथ नागरिक परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस बीच तेल टैंकरों पर हमलों से वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हो रहा है।
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