इस्लामाबाद में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज की संदिग्ध मौत के बाद घटनाक्रम और उसकी वजह को लेकर सस्पेंस बना हुआ है । खाना खाने के बाद मस्जिद के द्वार पर गिरे अजीज की मृत्यु के मामले में सुरक्षा एजेंसियों की नजर आधिकारिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है ।
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज की अचानक हुई मौत के बाद से हालातों का मिज़ाज कुछसा अटक-सा गया है , और असल वजह पर भी अनिश्चितता बनी हुई है । 8 अगस्त को मस्जिद के गेट के पास अजीज का अचेत होकर गिरना, फिर मौत होना, इन सबकी वजह क्या थी, इसे लेकर अलग अलग कयास लगाए जा रहे हैं । फिलहाल सुरक्षा और जांच एजेंसियां मामले की आधिकारिक तहकीकात, और आगे आने वाले नतीजों का इंतजार कर रही हैं ।
रिपोर्ट्स के मुताबिक , 8 अगस्त को मस्जिद तक पहुंचने से ठीक पहले अब्दुल अजीज किसी अज्ञात जगह से खाना खाकर आया था । मस्जिद के दरवाजे के पास पहुंचते ही उसकी हालत अचानक खराब हो गई , वह वहीं जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई । ऐसे में , खाना खाने और गिरने के बीच का घटनाक्रम देखकर उसे जहर दिए जाने की आशंका उठ रही है। लेकिन अभी तक किसी जांच में साजिश या जहर की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए दिल का दौरा पड़ना, या कोई दूसरी मेडिकल इमरजेंसी, जैसी संभावनाएं भी पूरी तरह खत्म नहीं की जा सकतीं ।
कारी सईद अब्दुल अजीज का नाम साल 2008 में भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई पर हुए 26/11 आतंकी हमलों की साजिश से जुड़े लश्कर नेटवर्क में रहा था , जिनमें 166 लोगों की जान गई थी । इसके अलावा, लश्कर-ए-तैयबा के अंदर वह उस जिम्मेदारी वाले हिस्से को संभाल रहा था , जिसका काम जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ों में मारे गए आतंकवादियों के परिवारों से तालमेल करना , और उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाना था । इसी “रणनीतिक” भूमिका की वजह से, इस मौत के मामले को बहुत ही संवेदनशील माना जा रहा है।
अब्दुल अजीज की मौत की खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब लश्कर का एक वरिष्ठ व्यक्ति रिजवान हनीफ का वीडियो बयान चर्चा में है । हनीफ ने दावा किया था कि पिछले 3-4 सालों के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलाकोट और मुजफ्फराबाद जैसे शहरों में संगठन से जुड़े 30 से ज्यादा लोग मारे गए हैं । हालांकि हनीफ की बातों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और अजीज की मौत से इसका कोई सीधा लिंक अभी नहीं दिखा है । फिर भी इस्लामाबाद वाली घटना का पूरा ब्यौरा, और जांच की रिपोर्टें सामने आने के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी ।
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