समंदर में काम करने वाले अपने देश के लोगों के लिए शुक्रवार का दिन काफी भारी रहा। एक तेल वाले जहाज पर हमला होने से सबके परिवारों की धड़कनें तेज हो गई थीं।

भैया, समंदर पार से शुक्रवार को एक ऐसी खबर आई थी जिसने अपने देश के कई परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी थी। खबर ये थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एमटी काजिमाह III (MT Kazimah III) नाम के कुवैती कच्चे तेल के जहाज पर किसी ने प्रोजेक्टाइल से हमला कर दिया है। इस खबर के आते ही उन सभी लोगों की धड़कनें तेज हो गईं, जिनके अपने लोग खाड़ी देशों के समंदर में नाविक का काम करते हैं। लेकिन अब सब कुछ ठीक है और सुरक्षा भी काफी टाइट कर दी गई है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि जब यह जहाज टोगो के लोमे बंदरगाह की तरफ जा रहा था, तब इस पर अपने देश के 5 नागरिक भी सवार थे। जैसे ही इस जहाज पर गोले दागे गए, तो ओमान में बैठे अपने भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने बिल्कुल भी देर नहीं की और वहां के लोकल लोगों की मदद से अपने उन पांचों भाइयों को सही-सलामत जहाज से बाहर निकालकर किनारे पर ले आए।
जब हमारे ये पांचों नाविक सुरक्षित आ गए, तो ओमान में अपने भारतीय मिशन ने सबको बताया कि भाई घबराने की कोई बात नहीं है, सब लोग एकदम फिट हैं। उन्होंने इस मदद के लिए ओमान के अधिकारियों को हाथ जोड़कर धन्यवाद भी कहा। सबसे बड़ी राहत की बात यही है कि अपने किसी भी आदमी को चोट नहीं आई है। हालांकि, यह हमला किसने किया था, यह अभी तक किसी को नहीं पता चल पाया है, जिससे थोड़ी बहुत चिंता अभी भी बनी हुई है।
इस घटना के बाद अब अपने बाकी लोगों की चिंता भी होना लाजमी है। आपको बता दें कि 29 सितंबर को ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया था कि उस फारस की खाड़ी वाले इलाके में अपने 4,500 से ज्यादा नाविक काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि 6 जहाज तो अपने भारत के झंडे वाले हैं और 6 विदेशी जहाज हैं जो अपने देश के लिए सामान ला रहे हैं। इन 12 जहाजों पर अपने 163 भाई ड्यूटी कर रहे हैं। अब अपने देश का शिपिंग मंत्रालय और सारी एजेंसियां मिलकर इन सबकी बहुत ही तगड़ी पहरेदारी कर रही हैं।
अपने पड़ोसी देश नेपाल और सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ ने भारी कोहराम मचा रखा है। 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 2 हजार लोग लापता हैं। इस बीच चीन की ओर से आई झील फटने की चेतावनी से सीमा पर हड़कंप मच गया है।

नेपाल और तिब्बत में आई बाढ़ का असर अब बिहार और पूर्वी यूपी तक पहुंच गया है। 178 लोगों की मौत और 300 भारतीयों के लापता होने के बीच गंडक नदी के किनारे बसे जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
नेपाल के रसुवा में तिब्बत से आई अचानक बाढ़ के बाद अपने बिहार के 8 जिलों में भी प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। गंडक नदी में पानी के स्तर के तेजी से बढ़ने की आशंका है।
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