दिल्ली से देश की राजनीति के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। भाजपा संगठन में बदलाव के बाद अब मोदी कैबिनेट के विस्तार की तैयारी है। कई राज्यों के नए चेहरों को मौका मिलेगा।
दिल्ली के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भाजपा संगठन में बड़े पदों के बंटवारे के बाद अब मोदी सरकार की कैबिनेट में फेरबदल की चर्चाएं बहुत तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए सरकार अपनी पूरी टीम को नए सिरे से सजाने जा रही है। संगठन में बड़े पद पाने वाले कुछ मंत्रियों को 'एक व्यक्ति-एक पद' के नियम के तहत कैबिनेट से हटाया जा सकता है, जबकि कई नए और तेजतर्रार चेहरों को केंद्र सरकार में मंत्री बनने का मौका मिलने वाला है।
अगर अपने केंद्र सरकार के पूरे गणित को देखें तो इस समय मोदी सरकार में 69 मंत्री काम कर रहे हैं, जबकि ज्यादा से ज्यादा 81 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इस हिसाब से 12 पद अभी खाली पड़े हैं। हालांकि चर्चा यह है कि सभी 12 पद नहीं भरे जाएंगे, बल्कि 6 से 7 नए लोगों को ही मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। इसमें अपने युवा नेता अनुराग ठाकुर का नाम बहुत तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों से नए चेहरों को मौका देने की पूरी तैयारी है।
अपने वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को लेकर भी खूब बातें हो रही हैं। पार्टी ने उन्हें हाल ही में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी दी है। अब पार्टी का नियम है कि 'एक व्यक्ति-एक पद' ही रहेगा, इसलिए यह सवाल उठ रहा है कि क्या वे कैबिनेट में रहेंगे या सिर्फ पार्टी का काम देखेंगे। हालांकि, अभी तक उन्हें हटाने को लेकर कोई पक्का सरकारी फैसला सामने नहीं आया है।
इसके अलावा दो और मंत्रियों के नाम चर्चा में हैं। अपने हर्ष मल्होत्रा जी को दिल्ली भाजपा की कमान दी गई है और वे केंद्र में सड़क परिवहन और कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री भी हैं। इसी तरह पंकज चौधरी जी उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हैं और केंद्र में वित्त राज्य मंत्री भी बने हुए हैं। दोनों नेताओं के पास दो-दो पद होने से उनके भविष्य पर चर्चा चल रही है। हालांकि, यूपी के बड़े माहौल को देखते हुए पंकज चौधरी जी को मंत्री बनाए रखने की उम्मीद ज्यादा है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं जोरों पर हैं। उनका राज्यसभा का कार्यकाल इसी साल 25 नवंबर को पूरा होने वाला है। उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजा जाएगा या नहीं, इस पर अभी बात साफ नहीं है। इसलिए चर्चा चल रही है कि पेट्रोलियम मंत्रालय किसी नए नेता को सौंपा जा सकता है। हाल ही में पेट्रोल और एथेनॉल के मुद्दे पर जनता के बीच जो नाराजगी दिखी थी, उसे भी इसकी एक वजह माना जा रहा है।
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी के विभाग को लेकर भी लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। एथेनॉल नीति पर सोशल मीडिया में चले विरोध के बाद सवाल उठा कि क्या उनका मंत्रालय बदला जाएगा। लेकिन राजनीतिक जानकारों का कहना है कि गडकरी जी को हटाना या उनका विभाग बदलना बिल्कुल आसान नहीं होगा। संघ के साथ उनके मजबूत रिश्ते और देश में सड़कों के शानदार काम के कारण उनकी स्थिति बहुत मजबूत है।
इस फेरबदल में महाराष्ट्र से भी एक बड़ी खबर आ रही है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। माना जा रहा है कि श्रीकांत शिंदे को कैबिनेट में जगह देकर भाजपा महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ अपने गठबंधन को और ज्यादा मजबूत करना चाहती है ताकि आने वाले चुनावों में दोनों दल मिलकर शानदार प्रदर्शन कर सकें।
ISRO के वैज्ञानिकों ने एक बार फिर देश का सीना चौड़ा कर दिया है। 4 सितंबर की सुबह 2:55 बजे श्रीहरिकोटा से GSLV-F17 रॉकेट के जरिए EOS-05 सैटेलाइट को बिल्कुल सही सलामत अंतरिक्ष में पहुंचा दिया गया है।
अपने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए बवाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर रद्द कर दी हैं, लेकिन 2873 दागी लोगों पर पुलिस का शिकंजा कसा रहेगा।
शहर में 1 सितंबर से लागू होने वाले 11 नए नियमों को लेकर स्थानीय लोगों में काफी हलचल है। जानिए आपकी रोजमर्रा की जरूरतों और जेब पर इन नियमों का कैसा असर पड़ेगा।
हर बड़ी ख़बर, ब्रेकिंग न्यूज़ और लेटेस्ट अपडेट्स सीधे अपने फेसबुक फीड पर पाएं।
Follow Page