चमोली के पीपलकोटी में गुरुवार शाम एक निर्माणाधीन टनल में मलबा आने से 7 मजदूरों की जान चली गई। 14 को बचा लिया गया है, जिनका इलाज गोपेश्वर अस्पताल में चल रहा है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर पहुंचकर 15 घंटे से चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया।
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी (मायापुर) से एक ऐसी खबर आ रही है जो दिल को हिला देती है। बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की टनल में गुरुवार 13 अगस्त की शाम 7 बजे अचानक दर्दनाक हादसा हो गया। टनल के अंदर काम कर रहे मजदूरों पर अचानक पानी और मलबा आ गिरा ,और फिर हालात बेकाबू हो गए। इस घटना ने पूरे चमोली और आसपास के हिस्से में मातम जैसा सन्नाटा फैला दिया है। अभी तक 7 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है ,और 3 मजदूर अभी भी टनल के अंदर फंसे हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत टीम पिछले करीब 15 घंटे से लगातार उन्हें निकालने की कोशिश में लगी हुई है ,बेशक हालात बेहद कठिन बताये जा रहे हैं।
हादसे की जानकारी मिलते ही शुक्रवार 14 अगस्त की सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद पीपलकोटी पहुंचे। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ टनल के अंदर जाकर हालात का जायजा लिया। सीएम धामी ने बचाव कार्य में लगी सेना और NDRF से भी बातचीत की,और साफ कहा कि टनल में अटके हर श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना ही सरकार की पहली प्राथमिकता है। इसके बाद सीएम गोपेश्वर के जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए ,जहां घायलों का इलाज जारी है।
जिला प्रशासन के मुताबिक रेस्क्यू टीमों ने अब तक कुल 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इनमें से 13 घायलों को तुरंत गोपेश्वर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनके उपचार पर फोकस कर रही है। एक मजदूर की स्थिति गंभीर होने की वजह से उसे श्रीनगर के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। हादसे के बाद से स्थानीय अस्पताल में भी हाई अलर्ट बना हुआ है,और सुरक्षा व व्यवस्थाएं तैनात रखी गई हैं।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि टनल के अंदर पानी का तेज रिसाव हुआ और साथ ही भूस्खलन से भारी मलबा जमा हो गया। नतीजा ये है कि अंदर जाने का रास्ता बंद हो गया है। इस काम में NDRF, SDRF, ITBP, सेना, पुलिस और फायर सर्विस की टीमें गौचर और जोशीमठ से भी मदद लेकर पहुंच चुकी हैं। टीमें मलबा हटाकर रास्ता बनाने की कोशिश कर रही हैं ,लेकिन कार्य बहुत ही चुनौतीपूर्ण है।
इस हादसे में जिन 7 मजदूरों की जान गई है, उनमें स्थानीय और बाहरी दोनों तरह के लोग शामिल बताए जा रहे हैं। मृतकों में टिहरी के प्रदीप सिंह पंवार, चमोली के मुकेश उर्गम, झारखंड के विजय और जितेंद्र कुमार ,और बिहार के दुर्लभ शर्मा, लोकेश्वर, तथा भुनेश्वर के नाम सामने आए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से निवेदन किया है कि आधिकारिक सूची आने तक लोग संयम रखें। वहीं केंद्र सरकार भी इस कठिन वक्त में चमोली प्रशासन को हर संभव मदद मुहैया करा रही है। फिलहाल इलाके के लोग उन 3 मजदूरों के लिए लगातार दुआएं कर रहे हैं जो अभी भी टनल के अंदर फंसे हैं।
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