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अपने भोपाल शहर पहुंचे चिन्मय मिशन के संतों और अनुयायियों का सीएम हाउस में हुआ स्वागत। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केसरिया झंडी दिखाकर यात्रा को झांसी के लिए विदा किया।
भोपाल शहर के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास और आध्यात्मिक माहौल से भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हमारे शहर में स्वामी चिन्मयानंदजी महाराज के जीवन और उनके महान कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि स्वामीजी एक महान संत और सच्चे विचारक थे, जिन्होंने हमारी भारतीय संस्कृति और श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान को पूरी दुनिया में फैलाया। मुख्यमंत्री ने भोपाल स्थित सीएम हाउस से चिन्मय अमृत यात्रा को केसरिया झंडी दिखाकर अगले शहर झांसी के लिए रवाना किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी चिन्मयानंदजी ने हमारी संस्कृति को हर घर तक पहुंचाने और युवाओं को अच्छे संस्कार देने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने गीता के अनमोल वचनों को बहुत ही सरल तरीके से जन-जन तक पहुंचाया। सीएम ने कहा कि आज भी हमारे समाज और नई पीढ़ी को स्वामीजी के विचारों और उनके बताए रास्ते से बहुत बड़ी सीख और प्रेरणा मिलती है।
इस यात्रा के सफर की बात करें तो यह छत्तीसगढ़ से शुरू होकर अपने मध्य प्रदेश में दाखिल हुई थी। इसके बाद रीवा, सतना, बैतूल और नर्मदापुरम जिलों के लोगों का आशीर्वाद लेते हुए यह यात्रा अपने भोपाल शहर पहुंची थी। यहां मुख्यमंत्री निवास पर भव्य स्वागत के बाद अब यह यात्रा झांसी की ओर अपने नए सफर पर निकल पड़ी है।
सीएम ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद मिशन केवल गीता प्रचार ही नहीं करता, बल्कि देशभर में अच्छे स्कूल चलाकर बच्चों को शिक्षा देने और समाज सेवा के कामों में भी दिन-रात जुटा हुआ है। मिशन के इन प्रयासों से हमारी संस्कृति और नैतिक मूल्य मजबूत हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से चिन्मयानंद मिशन के इन सभी भले कामों की खुलकर तारीफ की।
भोपाल में यात्रा के रुकने और रवानगी के दौरान चिन्मयानंद मिशन के प्रमुख स्वामी मित्रानंद सरस्वती महाराज और उनके साथ आए कई अनुयायी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यात्रा के सभी सदस्यों को मंगलकामनाएं दीं और भरोसा दिलाया कि मिशन के किसी भी नेक काम में अपनी मध्य प्रदेश सरकार हमेशा पूरा सहयोग और साथ देगी।

भोपाल शहर में शिक्षक भर्ती के पदों को बढ़ाने को लेकर चल रहे धरने पर बड़ी खबर है। सरकार ने साफ कह दिया है कि रिजल्ट के बाद पद नहीं बढ़ेंगे। उधर भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं की तबीयत बिगड़ गई है।

मध्य प्रदेश के कृष्ण भक्तों और बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश के 81 मंदिरों में जन्माष्टमी का भव्य उत्सव मनेगा और 4 सितंबर को अपने भोपाल सीएम हाउस में 1000 नन्हे कान्हा जुटेंगे।
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