पीटीआई समर्थकों के लिए एक बड़ी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने 73 वर्षीय इमरान खान की दाहिनी आंख और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को देखते हुए 48 घंटे में शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया है। मेडिकल बोर्ड में डॉ. उज्मा खान भी मौजूद रहेंगी।
पाकिस्तान की आवाम और पीटीआई समर्थकों के लिए इस्लामाबाद से एक बहुत बड़ी और राहत वाली खबर सामने आई है। कई महीनों से अपने नेता की सेहत को लेकर चिंतित रहने वाली जनता को तब थोड़ा सुकून मिला जब पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने 73 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल से निकाल कर प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश दे दिया। अदालत ने ये भी साफ कहा है कि अगले 48 घंटों के अंदर उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए, वरना? कोर्ट ने परिवार वालों को भी हर सप्ताह उनसे मिलने की हरी झंडी दे दी है, मानो बात यहीं खत्म ही हो गई।
पीटीआई के प्रवक्ता नईम हैदर पंजुथा ने स्थानीय मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद इमरान खान 16 सितंबर तक शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में ही रहेंगे। आवाम और पार्टी कार्यकर्ता अगस्त 2023 से ही जेल में बंद इमरान की गिरती हालत को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे। कुछ मामलों में दोषी ठहराए जाने को लोग, एकदम से राजनीतिक कार्रवाई की तरह ही देखते रहे हैं।
स्थानीय लोगों में बेचैनी का माहौल तब और ज्यादा बन गया जब पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा कि जेल के एकांत में इमरान खान एंग्जायटी, हाई ब्लड प्रेशर और तेज धड़कन जैसे मुद्दों से गुजर रहे हैं। उनके वकीलों ने यहाँ तक जिक्र कर दिया था कि उनकी दाहिनी आंख की रोशनी काफी हद तक प्रभावित हुई है, बस यही नहीं बल्कि, इसके असर को लेकर भी चर्चा हुई।
अदालत ने जनता की शंकाओं को कम करने के लिए एक मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है। पीटीआई समर्थकों के लिए तसल्ली वाली बात ये कही जा रही है कि इस बोर्ड में इमरान के निजी डॉक्टर के साथ साथ उनकी बहन डॉ. उज्मा खान को भी शामिल किया जाएगा। हालांकि कोर्ट ने परिवार और वकीलों को कड़ी हिदायत दी है कि मेडिकल रिपोर्ट को आवाम के सामने सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। फिलहाल, इस फैसले को पीटीआई खेमे में एक बड़ी राहत की तरह मनाया जा रहा है, कुछ लोग मान रहे हैं कि ये मोड़ अब अनुकूल साबित होगा।
अपने पड़ोसी देश नेपाल और सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ ने भारी कोहराम मचा रखा है। 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 2 हजार लोग लापता हैं। इस बीच चीन की ओर से आई झील फटने की चेतावनी से सीमा पर हड़कंप मच गया है।

नेपाल और तिब्बत में आई बाढ़ का असर अब बिहार और पूर्वी यूपी तक पहुंच गया है। 178 लोगों की मौत और 300 भारतीयों के लापता होने के बीच गंडक नदी के किनारे बसे जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
नेपाल के रसुवा में तिब्बत से आई अचानक बाढ़ के बाद अपने बिहार के 8 जिलों में भी प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। गंडक नदी में पानी के स्तर के तेजी से बढ़ने की आशंका है।
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