भोपाल शहर के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों ने धरना शुरू कर दिया है। 24 से 26 अगस्त तक चलने वाले इस प्रदर्शन में अभ्यर्थी दूसरी काउंसलिंग और पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
भोपाल शहर के नीलम पार्क और टीटी नगर इलाके में इन दिनों शिक्षक भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों की भारी चहल-पहल और प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के वेटिंग अभ्यर्थी अपनी दूसरी काउंसलिंग कराने और खाली पड़े पदों को भरने की मांग को लेकर नीलम पार्क में धरने पर बैठ गए हैं। वहीं इस पूरे धरने के बीच ब्यावरा से आए अपने नरेंद्र राजपूत भाई 21 अगस्त की रात से लगातार आमरण अनशन पर बैठे हैं और उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वे नहीं हटेंगे।
वेटिंग शिक्षक संघ, वर्ग-1 भर्ती 2023 के बैनर तले अपने भोपाल में 24 से 26 अगस्त तक यह तीन दिवसीय धरना दिया जा रहा है। प्रदेशभर से आए अभ्यर्थी अपने अंबेडकर पार्क, टीटी नगर और नीलम पार्क में शांति से बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन सभी युवाओं की एक ही मांग है कि सरकार भर्ती की रुकी हुई गाड़ी को आगे बढ़ाए और बाकी बची प्रक्रिया को जल्द पूरा करे।
धरने में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती निकले पूरे तीन साल हो चुके हैं। परीक्षा पास कर ली, सारे जरूरी टेस्ट निकाल लिए, लेकिन इसके बाद भी आज तक दूसरी काउंसलिंग नहीं कराई गई। उनका कहना है कि जब सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, तो फिर हम जैसे पास हुए युवाओं को मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे इन शिक्षक अभ्यर्थियों की मुख्य मांग यह है कि प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाकर 25 हजार कर दी जाए। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षक वर्ग-2 में भी कम से कम 3 हजार पद बढ़ाए जाएं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि सरकार ये पद बढ़ा देती है, तो सालों से नौकरी का इंतजार कर रहे बहुत से होनहार युवाओं को काम मिल जाएगा।
ब्यावरा के रहने वाले नरेंद्र राजपूत भाई का अनशन अब 42 घंटे से ऊपर का हो चुका है। उन्होंने 21 अगस्त की रात 12 बजे से न तो कुछ खाया है और न ही पानी की एक बूंद पी है। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल उनकी नहीं है, बल्कि उन सभी साथियों की है जो गांव-कस्बों से आकर सालों से भोपाल में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे थे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे इससे पहले भी कई बार अधिकारियों और मंत्रियों को ज्ञापन दे चुके हैं और अलग-अलग जगहों पर अपनी बात रख चुके हैं। हर बार सिर्फ दिलासा और आश्वासन ही मिला, लेकिन दूसरी काउंसलिंग और पद बढ़ाने को लेकर कोई पक्का फैसला नहीं हुआ। इसी वजह से उन्हें दोबारा अपने भोपाल आकर आंदोलन करना पड़ रहा है।
आमरण अनशन पर बैठे नरेंद्र राजपूत का कहना है कि वे किसी तरह का हुड़दंग नहीं करना चाहते। वे बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से अपनी परेशानी सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका कहना है कि जिन युवाओं ने दिन-रात एक करके शिक्षक बनने की तैयारी की है, उन्हें खाली पदों पर नौकरी देकर उनका हक जरूर मिलना चाहिए।

भोपाल शहर में शिक्षक भर्ती के पदों को बढ़ाने को लेकर चल रहे धरने पर बड़ी खबर है। सरकार ने साफ कह दिया है कि रिजल्ट के बाद पद नहीं बढ़ेंगे। उधर भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं की तबीयत बिगड़ गई है।

मध्य प्रदेश के कृष्ण भक्तों और बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश के 81 मंदिरों में जन्माष्टमी का भव्य उत्सव मनेगा और 4 सितंबर को अपने भोपाल सीएम हाउस में 1000 नन्हे कान्हा जुटेंगे।
मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए शानदार खबर आ गई है। कर्मचारी चयन मंडल ने पुलिस विभाग में एसआई और सूबेदार के 507 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है।
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