भोपाल शहर के रवींद्र भवन में शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्रों के साथ युवा संवाद किया। उन्होंने अपने पुराने दिनों के किसानी किस्से सुनाए और बताया कि उन्हें आज भी खेत में काम करना सबसे अच्छा लगता है।
भोपाल शहर के रवींद्र भवन में शनिवार को आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में बहुत ही शानदार और आत्मीय माहौल देखने को मिला। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हमारे शहर के छात्र-छात्राओं से बड़ी ही बेबाकी और अपनेपन के साथ बातचीत की। जब युवाओं ने उनसे खेती-किसानी से जुड़े सवाल पूछे, तो सीएम साहब ने अपने किसान परिवार और खेतों की पुरानी यादें ताजा कर दीं। उन्होंने कहा कि आज भी जब उन्हें वक्त मिलता है, वे अपने खेतों में जरूर जाते हैं और उन्हें खेती करने में सबसे ज्यादा सुकून मिलता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि वे हम सबकी तरह एक साधारण किसान परिवार से आते हैं और कॉलेज के दिनों से ही खेती के सारे काम खुद करते रहे हैं। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए बताया कि कॉलेज में जब वे चुनाव लड़ रहे थे, तब भी खेती का काम नहीं छोड़ा था। सीएम ने कहा कि पढ़ाई और राजनीति अपनी जगह है, लेकिन अपने खेतों में काम करने का जो असली आनंद है, वो कहीं और नहीं मिल सकता।
छात्रों की फरमाइश पर सीएम ने अपने उज्जैन के पुराने दिनों का एक बहुत ही रोचक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि उनके खेत नदी के उस पार थे और कई बार नदी में बैल के साथ पानी में तैरकर खेत तक जाना पड़ता था। उस समय कुएं नहीं थे और पूरी खेती बारिश पर टिकी थी। बाद में कुएं खुदवाए जाते थे और खेत तक बिजली लाने के लिए खुद तार खींचने पड़ते थे। सीएम ने कहा कि वह दौर बहुत मुश्किलों भरा था, लेकिन आज अपने प्रदेश के हालात बहुत बदल गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार की पूरी कोशिश है कि अपने मध्य प्रदेश के हर एक खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचे। नहरों और पानी की सुविधाएं बढ़ने से अब अपने किसान भाइयों के लिए खेती करना पहले से बहुत आसान हो गया है। नई मशीनों और आधुनिक तकनीकों की मदद से अपनी खेती में लगातार सुधार आ रहा है।
जब छात्रों ने पूछा कि आपको आज भी खेती में जाने का मन क्यों करता है, तो सीएम ने कहा कि वे मौका मिलते ही अपने खेत जरूर जाते हैं और दौरों के दौरान भी किसानों के बीच खेतों में पहुंच जाते हैं। उन्होंने धान की रोपाई का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि कीचड़ में उतरकर धान के पौधे बोने में उन्हें बहुत ज्यादा आनंद आया।
सीएम ने कहा कि अपनी सरकार किसानों की पूरी फसल एमएसपी पर खरीद रही है और हर साल उस पर बोनस भी दे रही है। उन्होंने याद दिलाया कि अपना मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने किसानों के फायदे के लिए भावांतर योजना बनाई थी। उन्होंने युवाओं को समझाया कि खेती के साथ-साथ दूसरे छोटे-मोटे कारोबार करके भी अच्छी कमाई की जा सकती है।
छात्रों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस साल को 'कृषि कल्याण वर्ष' बनाया है। अब खेती के साथ फूड प्रोसेसिंग को जोड़ना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि आज अपने प्रदेश के किसान नई तकनीक से मोती, मशरूम और शहद का उत्पादन करके बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं। सीएम ने खुशी जताते हुए कहा कि पहले जहां अपने खेतों में साल में सिर्फ एक फसल होती थी, वहीं अब किसान भाई साल में तीन-तीन फसलें ले रहे हैं, जिससे उनकी आय में भारी बढ़ोतरी हुई है।

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