बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘अर्नब’ का असर मध्य प्रदेश में दूसरे दिन भी देखने को मिला।
-5.jpg&w=3840&q=75)
Bhopal News: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘अर्नब’ का असर मध्य प्रदेश में दूसरे दिन भी देखने को मिला। गुरुवार को भोपाल, इंदौर, सिंगरौली, रायसेन, विदिशा, सागर और पांढुर्णा समेत कई जिलों में बादल छाए रहे और अलग-अलग इलाकों में बारिश हुई। ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट आई, वहीं बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी।
पांढुर्णा की मंडी में खुले आसमान के नीचे रखा हजारों क्विंटल मक्का बारिश में भीग गया। इससे उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने और नुकसान की आशंका है। हालांकि, बारिश से तुअर, कपास और संतरे की फसलों को राहत मिलने की उम्मीद भी है।
रायसेन के दशहरे मैदान में धान की नीलामी के लिए करीब 200 ट्रॉलियों में उपज लेकर किसान पहुंचे थे। बारिश शुरू होने पर किसानों ने धान की बोरियों को तिरपाल से ढंककर बचाने की कोशिश की।
राजधानी भोपाल में सुबह मौसम साफ रहने के बाद बादल और धुंध छा गई। करीब 11 बजे बूंदाबांदी हुई और ठंडी हवाएं चलने लगीं। इंदौर में भी बादलों के साथ ठंडी हवा चलने से उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने यहां हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई।
सिंगरौली में सुबह करीब 5 बजे से तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ। सरई, माड़ा, चितरंगी, देवसर और बैढ़न में रिमझिम बारिश हुई। विदिशा और टीकमगढ़ में भी दोपहर के समय बारिश हुई। टीकमगढ़ में अधिकतम तापमान 32 डिग्री से गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
सागर के रहली क्षेत्र में हल्की बारिश हुई, जबकि दमोह, सीहोर और पिपरिया में बादलों के साथ ठंडी हवाओं का असर दिखाई दिया। पिपरिया में सुबह से धूप नहीं निकली और आसमान में धुंध छाई रही।
मंडला में बुधवार शाम तेज हवाओं के साथ बारिश हुई थी। मौसम विभाग ने गुरुवार को जिले में कहीं-कहीं अति भारी बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की। बिजली गिरने की आशंका को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है।
वहीं, मैहर, सतना और रीवा संभाग के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। इन क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई गई।
अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में मध्य प्रदेश के कई शहरों में मौसम तेजी से बदलता है। उपलब्ध ऐतिहासिक आंकड़ों के मुताबिक, इंदौर में 22 अक्टूबर 2000 को अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। भोपाल में अक्टूबर का अधिकतम तापमान वर्ष 2012 में 38 डिग्री तक पहुंचा था, जबकि ग्वालियर में 27 अक्टूबर 1994 को 40.1 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था।
फिलहाल, चक्रवात के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और ठंडी हवाओं का दौर जारी है। किसानों को सलाह है कि मंडियों में खुले में रखी उपज को तिरपाल से ढंककर रखें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।

खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग योजना को ₹1,856.67 करोड़ की मंजूरी मिली। जानें CM मोहन यादव की प्रतिक्रिया और योजना के प्रमुख उद्देश्य।

CM मोहन यादव ने मध्यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में भविष्य के शहरों का रोडमैप साझा किया। योजना में 20 लाख रोजगार, नई टाउनशिप और बड़े निवेश पर जोर है।

शाजापुर में CM मोहन यादव ने कृष्णमृग रेस्क्यू अभियान का निरीक्षण किया। अब तक 1,236 से ज्यादा वन्यजीवों का रेस्क्यू हुआ है और लक्ष्य 2,000 कृष्णमृगों का है।
हर बड़ी ख़बर, ब्रेकिंग न्यूज़ और लेटेस्ट अपडेट्स सीधे अपने फेसबुक फीड पर पाएं।
Follow Page