राजनीतिक पार्टियां आजकल सिर्फ चुनावी मैदान में ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगी रहती हैं। हर पार्टी चाहती है कि सोशल मीडिया पर उसके ज्यादा से ज्यादा फॉलोअर्स हों और उसकी पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोग देखें।

Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजनीति में अब मुकाबला सिर्फ चुनावी मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी पार्टियां एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रही हैं। Instagram पर फॉलोअर्स की संख्या के मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस, भाजपा से आगे दिखाई देती है। कांग्रेस के अकाउंट पर करीब 12 लाख फॉलोअर्स हैं, जबकि भाजपा के अकाउंट पर लगभग 6.80 लाख फॉलोअर्स दर्ज हैं। यानी संख्या के लिहाज से कांग्रेस के फॉलोअर्स भाजपा से करीब दोगुने हैं।
हालांकि, थर्ड-पार्टी एनालिटिक्स के आंकड़े इस तस्वीर का दूसरा पहलू भी दिखाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के फॉलोअर्स में फेक, बॉट और संदिग्ध अकाउंट्स की हिस्सेदारी बताई गई है। वहीं, एंगेजमेंट रेट के मामले में भाजपा का आंकड़ा कांग्रेस से ज्यादा दर्ज हुआ है।
एक थर्ड-पार्टी रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश कांग्रेस के Instagram अकाउंट के करीब 17.01 प्रतिशत फॉलोअर्स को फेक, 10.05 प्रतिशत को बॉट और 6.96 प्रतिशत को संदिग्ध अकाउंट्स की श्रेणी में रखा गया है। वहीं, 72.11 प्रतिशत फॉलोअर्स को वास्तविक यूजर्स बताया गया है। इन आंकड़ों के आधार पर करीब 2.04 लाख फॉलोअर्स फेक और लगभग 1.20 लाख बॉट अकाउंट्स की श्रेणी में आते हैं। हालांकि, ये आंकड़े थर्ड-पार्टी टूल के अनुमान हैं। Instagram की ओर से इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इन्हें प्रमाणित फॉलोअर संख्या नहीं माना जा सकता।
सोशल मीडिया पर किसी अकाउंट की लोकप्रियता सिर्फ फॉलोअर्स की संख्या से तय नहीं होती। यह भी देखा जाता है कि कितने लोग पोस्ट को लाइक, कमेंट और शेयर कर रहे हैं। इसी को एंगेजमेंट कहा जाता है। उपलब्ध थर्ड-पार्टी एनालिटिक्स के मुताबिक, भाजपा मध्य प्रदेश के Instagram अकाउंट @bjp4mp का एंगेजमेंट रेट करीब 0.22 प्रतिशत है। वहीं, कांग्रेस के अकाउंट @incmp का एंगेजमेंट रेट करीब 0.12 प्रतिशत बताया गया है। इस तरह उपलब्ध आंकड़ों में भाजपा का एंगेजमेंट रेट कांग्रेस से करीब 83 प्रतिशत ज्यादा है। यानी फॉलोअर्स की संख्या कम होने के बावजूद भाजपा के अकाउंट पर फॉलोअर्स की भागीदारी का अनुपात ज्यादा दर्ज किया गया है।
- कांग्रेस: करीब 12 लाख फॉलोअर्स, एंगेजमेंट रेट 0.12 प्रतिशत।
- भाजपा: करीब 6.80 लाख फॉलोअर्स, एंगेजमेंट रेट 0.22 प्रतिशत।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि कांग्रेस फॉलोअर्स की संख्या में आगे है, जबकि एंगेजमेंट रेट में भाजपा आगे दिखाई देती है। हालांकि, एंगेजमेंट रेट के साथ कुल लाइक्स, कमेंट्स, शेयर और रील्स के व्यूज का विश्लेषण भी जरूरी है।
आज राजनीतिक पार्टियां अपने नेताओं के भाषण, कार्यक्रम, अभियानों और सरकार की योजनाओं को सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाती हैं। ऐसे में फॉलोअर्स की संख्या के साथ यह देखना भी जरूरी है कि कितने लोग वास्तव में उस कंटेंट से जुड़ रहे हैं। इस तुलना में कांग्रेस के फॉलोअर्स की संख्या ज्यादा है, लेकिन थर्ड-पार्टी रिपोर्ट में उनके कुछ अकाउंट्स को फेक, बॉट और संदिग्ध श्रेणियों में रखा गया है। दूसरी ओर, उपलब्ध आंकड़ों में भाजपा का एंगेजमेंट रेट ज्यादा है।
हालांकि, दोनों पार्टियों की वास्तविक डिजिटल पहुंच का निष्पक्ष आकलन करने के लिए समान अवधि के रील्स व्यूज, लाइक्स, कमेंट्स, शेयर और अन्य इंटरैक्शन की तुलना जरूरी है। ऐसे में सवाल यही है कि सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स होना ज्यादा मायने रखता है या उन फॉलोअर्स का कंटेंट से जुड़ना?

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